Joshimath Uttarakhand Update

Joshimath में फट रही है जमीन

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Joshimath Uttarakhand Update

जोशीमठ में 500 से अधिक घरों में दरारें पड़ रही हैं और जमीनें धंस रही हैं। इस समस्या को देखते हुए हो सकता है आसपास की कई जगह कुछ महीनों के लिए बंद कर दी जाएं।

जोशीमठ

जोशीमठ, जिसे ‘ज्योतिर्मठ’ के नाम से भी जाना जाता है, उत्तराखंड के चमोली जिले का एक खूबसूरत शहर है। 1875 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ये जगह देखने में मानों ऐसी लगती है जैसे यहीं से देव भूमि की गाथा लिखी गई हो। ऊंचे-ऊंचे पहाड़, उन पहाड़ों से निकलती नदी की धारा, और किनारे से जाती पतली-पतली सड़कें इस जगह को टूरिज्म का एक नया रूप देती हैं। जोशीमठ से ही कई तीर्थस्थल जैसे बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे धामों के रास्ते खुलते हैं।

लेकिन ऐसी खूबसूरत जगह को नजर लग जाएगी, ये किसी को नहीं पता था। अब इस प्राचीन स्थान पर दरार पड़ने लगी है। करीबन 500 से ज्यादा घरों की दीवारों पर क्रैक पड़ गए हैं और वहां की कई जमीनें धंस चुकी हैं। देखा जाए तो यहां आसपास की कई खूबसूरत जगह पर भी खतरा मंडरा रहा है, हो सकता है स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों का भी यहां घूमना-फिरना कुछ महीनों के लिए बंद कर दिया जाए। चलिए जानते हैं उन जगहों के बारे में भी जो कुछ महीनों के लिए बंद हो सकती हैं।

औली – Auli

शानदार और राजसी हिमालय को पेश करने वाले औली तक आप रोपवे के जरिए जा सकते हैं। रोपवे एक ऐसा आसान जरिया है, जिसकी मदद से आप यहां तक आसानी से पहुंच सकते हैं। बता दें, औली का रोपवे गुलमर्ग के बाद एशिया का सबसे ऊंचा और सबसे लंबा रोपवे है। औली केबल कार को स्थानीय रूप से गोंडोला भी कहते हैं, ये रोपवे जोशीमठ को भी जोड़ता है।

औली - Auli

विष्णुप्रयाग – Vishnuprayag

अलकनंदा और धौलीगंगा नदियों के पवित्र संगम पर मौजूद विष्णुप्रयाग उत्तराखंड के चमोली जिले में समुद्र तल से 1,372 मीटर की ऊंचाई पर बसा एक ऐसा शहर है, जहां घूमने के लिए लोग हर साल आते हैं। बता दें, अन्य चार नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग और देवप्रयाग के साथ विष्णुप्रयाग पांच प्रयागों में सबसे पहला स्थान रखता है। यहां की नदी अलकनंदा नदी को विष्णु नदी के रूप में भी जाना जाता है। विष्णुप्रयाग जोशीमठ के सबसे अहम स्थानों में आता है।

विष्णुप्रयाग - Vishnuprayag

जोशीमठ का नरसिंह मंदिर – Narsingh Temple

नरसिंह मंदिर जोशीमठ का एक लोकप्रिय मंदिर है। सप्त बद्री के एक भाग के रूप में प्रसिद्ध, नरसिंह मंदिर को नरसिंह बद्री मंदिर भी कहा जाता है। बता दें, ये मंदिर जोशीमठ यात्रा के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। मंदिर में देवता आधे शेर और आधे आदमी के रूप में भगवान विष्णु (नरसिंह अवतार) के चौथे अवतार के रूप में स्थापित किए गए हैं। नरसिंह मंदिर जोशीमठ के लोअर बाजार इलाके में स्थित है।

जोशीमठ का नरसिंह मंदिर - Narsingh Temple

जोशीमठ का थैंग गांव – Thaing Village

थैंग चमोली जिले में और जोशीमठ शहर के पास स्थित एक छोटी सी ऑफबीट जगह है। ये गांव चिनाब वैली ट्रेक का बेस कैंप भी है। हालांकि इस प्लेस पर कम भीड़-भाड़ देखने को मिलती है, लेकिन फिर भी यहां लोग प्रकृति के बीच घूमने-फिरने के लिए जरूर आते हैं। इस जगह पर दुकानों, होम स्टे और कुछ स्थानीय होटल के ठहरने का ऑप्शन भी है। यात्री प्रकृति का मजा लेने के साथ-साथ ट्रैकिंग का भी मजा लेकर जाते हैं।

जोशीमठ का थैंग गांव - Thaing Village

फूलों की घाटी – Valley of Flowers

जोशीमठ के रास्ते में जैसे कई जगह पड़ती हैं, उसी तरह फूलों की घाटी का रास्ता भी यहीं से जाता है। अपने आकर्षक और शानदार फूलों के साथ ये जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं लगती है। कई किमी लंबे इस ट्रैक पर आपको अलग-अलग किस्म के फूल और पत्तियां देखने को मिलेंगी। यहां कुछ जंगली फूल हैं तो कई विदेशी फूल भी इस घाटी को महका रहे हैं।

फूलों की घाटी - Valley of Flowers

जोशीमठ के डूबने का कारण –

आपको बता दें, स्थानीय भूवैज्ञानिक और वैज्ञानिक दशकों से इस बात को लेकर रिपोर्ट बना रहे हैं। लेकिन ये रिपोर्ट 1976 में पहले भी तैयार की गई थी, जिसे ये कहकर खारिज कर दिया गया था कि आप लोगों को डरा रहे हैं। जानकारी के लिए ये भी बता दें, जोशीमठ एक प्राचीन भूस्खलन वाली जगह पर स्थित है, और शहर के धंसने का मुख्य कारण यहां का भूगोल भी कह सकते हैं और नेचुरल फैक्टर्स भी इसमें शामिल हैं। खैर, वजह जो भी हो, हम यही आशा करते हैं कि जोशीमठ जल्द से जल्द पहले जैसा हो और स्थानीय लोगों से लेकर पर्यटकों तक सबको यहां रहने और घूमने-फिरने का मौका मिले।

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